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Haryana School Summer Vacation 2024: छुट्टियों में बच्चों को ऐसे तैयार करें, पूरे साल पढ़ाई में आएगी कमाल की मदद!

Haryana School Summer Vacation 2024: हरियाणा में 28 मई से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियाँ होंगी। गर्मी की अत्यधिकता के कारण, राज्य के 11 जिलों में सरकारी और निजी स्कूलों में पहले से ही छुट्टियाँ घोषित की गई थीं। ये जिले हैं: सिरसा, कैथल, हिसार, करनाल, कुरुक्षेत्र, जींद, रेवाड़ी, सोनीपत, रोहतक, नूह, और पानीपत। आज, 27 मई 2024 को, पूरे हरियाणा के सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है।

Haryana School Summer Vacation

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20 मई से आगामी आदेश तक, चरखी दादरी में स्कूलों में अवकाश का ऐलान किया गया था, परंतु बाद में यह निरस्त कर दिया गया। कैथल में भी 25 मई तक पहली से पांचवी कक्षा तक के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में छुट्टियाँ का ऐलान किया गया, जबकि छठी से बारहवीं कक्षा तक की कक्षाएं चलेंगी। इसी तरह, सिरसा और हिसार जिलों में आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 24 मई तक अवकाश का ऐलान किया गया है। करनाल, कुरुक्षेत्र, जींद, रेवाड़ी और सोनीपत में भी छुट्टियों का ऐलान किया गया है।हरियाणा के 11 जिलों – महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में 23 मई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और पानीपत में 23 मई तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। जींद और सोनीपत में 21 और 22 मई को ऑरेंज अलर्ट और 23 मई को रेड अलर्ट जारी किया गया है। रोहतक और झज्जर में 20 मई को ऑरेंज अलर्ट और 23 मई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है।

सबसे पहले होमवर्क पूरा कराएं

बच्चों में आमतौर पर एक ऐसी आदत होती है कि वे पहले होमवर्क पर ध्यान नहीं देते, और जैसे ही स्कूल की वापसी का समय नजदीक आता है, उन्हें पैनिक होने लगता है। छोटे बच्चे इस स्थिति में अक्सर पेरेंट्स की बजाय ज्यादा परेशान होते हैं। इसलिए, सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप और आपके बच्चे को इस तनाव का सामना न करना पड़े, और इसके लिए उनका होमवर्क समय पर पूरा हो।

जिस विषय में हो समस्या

प्रत्येक बच्चे का अपना पसंदीदा विषय होता है, जबकि किसी विषय में उसे समस्या हो सकती है। यदि आपका बच्चा किसी विशेष विषय में कमजोर है या उसमें डर लगता है, तो वही विषय चुनें और उसके साथ बैठकर उसे साहस दें। यह समय प्रैक्टिस करने का बेहतरीन अवसर है। इस समय पर स्कूल का दबाव नहीं होता, ना ही टीचर का, और ना ही होमवर्क का। इसलिए, अपने बच्चे के मन की डर को निकालने का यह सबसे सही मौका हो सकता है।

छोटी-छोटी बातें सिखाएं

बैग लगाने से लेकर, टाइम-टेबल देखने तक, घर आकर स्कूल का काम खत्म करने से लेकर, रिवीजन और प्रोजेक्ट बनाने तक, बच्चों को इस समय बहुत से काम सिखाएं जा सकते हैं। स्कूल के दौरान ये सिखाना मुश्किल होता है क्योंकि समय कम होता है लेकिन इस वक्त उन्हें शेड्यूल में फिट होना सिखाया जा सकता है। इस अवसर का उपयोग करके बच्चों को स्वतंत्रता और स्वायत्तता की प्रशिक्षण देना बेहतर हो सकता है।

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